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बृहस्पति गोचर 2017

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ज्योतिष शास्त्र में गुरु यानि बृहस्पति ग्रह का बहुत बड़ा दर्जा है। इन्हें समस्त देवताओं का गुरु माना जाता है। गुरु ज्ञान के सलाह के दाता हैं। बड़े बुजूर्गों, वरिष्ठ अधिकारियों की कृपा गुरु की कृपा से ही संभव हैं। यदि आपकी कुंडली में गुरु शुभ हैं तो आपको विकट परिस्थितियों में भी सहयोग मिलता रहता है। कर्क राशि में बृहस्पति उच्च के होते हैं तो मकर राशि में इन्हें निकृष्ट माना जाता है। ये धनु व मीन राशि के स्वामी हैं। सूर्य, चंद्रमा व मंगल के साथ इनकी मित्रता है।  तो शुक्र व बुध के साथ ये शत्रुवत संबंध रखते हैं। राहु-केतु व शनि के साथ इनका तटस्थ संबंध है। बृहस्पति में एक खास बात यह भी है कि इनकी भले ही किसी ग्रह से शत्रुता हो लेकिन जो ग्रह इनके साथ मित्रता नहीं रखते वे इनके शत्रु भी नहीं है यानि अधिकतर ग्रहों का बृहस्पति से तटस्थ रिश्ता है। गुरु विवेकशील ग्रह माने जाते हैं और चीज़ों को एक विस्तृत पटल पर समझने के लिये सद्बुद्धि गुरु से ही मिलती है। इसलिये इन्हें संपत्ति व ज्ञान का कारक भी माना गया है। गुरु यानि बृहस्पति का परिवर्तन ज्योतिष के नज़रिये से व्यापक प्रभाव डालने वाली घटना मानी जाती है।

बृहस्पति गोचर ((JUPITER TRANSIT) 2017 तिथि व समय – 12 सितंबर 2017 (बृहस्पतिवार) 07:59

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बृहस्पति राशि परिवर्तन – तुला राशि में प्रवेश करेंगें बृहस्पति, जानें राशिफल

देवताओं के गुरु बृहस्पति, ज्ञान, प्रसिद्धि, समृद्धि, संतान, सफलता के कारक एवं सौरमंडल में सबसे बड़े ग्रह माने जाते हैं। ज्योतिषशास्त्र में बृहस्पति को बहुत ही शुभ फलदायी ग्रह माना जाता है। इसलिये बृहस्पति वक्री हों या मार्गी  या फिर एक राशि को छोड़कर दूसरी राशि में प्रवेश हो वैदिक ज्योतिष के अनुसार बृहस्पति की हर गतिविधि खास मायने रखती है और जिस भाव में बृहस्पति का परिवर्तन होता है उसके अनुसार समस्त राशियों पर इसका प्रभाव पड़ता है। लगभग एक वर्ष एक महीने यानि 13 महीनों के अंतराल पर गुरु का राशि परिवर्तन होता है। इसलिये भी बृहस्पति के राशि परिवर्तन को अहम माना जाता है। 12 सितंबर 2017 को बृहस्पति बुध की राशि कन्या से परिवर्तित होकर शुक्र के स्वामित्व वाली राशि तुला में प्रवेश करेंगें। ऐसे में शुक्र का यह परिवर्तन आपके जीवन में राशिनुसार कैसे बदलाव लेकर आयेगा आइये जानते हैं।

मेष – आपके लिये बृहस्पति का परिवर्तन सुखद परिणाम लेकर आ सकता है। बृहस्पति आपकी राशि से सातवें स्थान पर होंगे। इस समय आप स्वयं को शारीरिक रूप से स्वस्थ महसूस कर सकते हैं। साथ मानसिक तौर पर भी आपकी स्थिति काफी बेहतर रह सकती है। यदि पिछले कुछ समय से दांपत्य जीवन को लेकर तनाव में चल रहे थे तो इस समय उससे मुक्ति मिलने की कामना कर सकते हैं। धार्मिक कार्यों के प्रति भी आपका रूझान बढ़ सकता है। आपकी राशि में बृहस्पति की कोण दृष्टि होने के कारण यह समय आपके लिये भाग्य वृद्धि के संकेत भी कर रहा है।

वृषभ – वृषभ जातकों के लिये बृहस्पति का परिवर्तन सकारात्मक रहने के आसार हैं। राशि से छठे घर में बृहस्पति के आने से स्वास्थ्य में लाभ मिलेगा। यदि पिछले कुछ समय से किसी बिमारी को लेकर परेशान हैं तो आपकी परेशानी समाप्त हो सकती है। साथ ही काम काज के मामले में भी इस समय आप अपने प्रतिस्पर्धियों, प्रतिद्वंदियों को मात दे सकते हैं। आपसे ईर्ष्या रखने वाले भी इस समय आपका सम्मान कर सकते हैं। धन लाभ के संकेत भी बृहस्पति कर रहे हैं। जो जातक किसी कार्य या व्यवसाय में पैसे की कमी महसूस कर रहे हैं और ऋण लेने का विचार बना रहे हैं तो आपको भी मदद मिल सकती है। आपको एक नई नौकरी की पेशकश की जा सकती है।

मिथुन – बृहस्पति आपकी राशि से पंचम स्थान में प्रवेश कर रहे हैं जो कि आपके लिये संतान, शिक्षा, प्रेम आदि का कारक स्थान माना जाता है। देवगुरु बृहस्पति का परिवर्तन आपके लिये शुभ कहा जा सकता है। इस समय आपके लिये संतान प्राप्ति के योग बन सकते हैं। साथ ही स्वास्थ्य के मामले में भी आपको लाभ मिलने के आसार हैं। विद्यार्थियों के लिये तो यह परिवर्तन और भी शुभ कहा जा सकता है। इस समय आप आपको अपने भाग्य का भी भरपूर सहयोग मिलने के आसार हैं।

कर्क – आपकी राशि से बृहस्पति का परिवर्तन चतुर्थ स्थान में हो रहा है। राशि से सुख भाव में बृहस्पति का आना आपकी सुख-सुविधाओं में वृद्धि करने वाला रह सकता है। यदि लंबे समय से किसी वाहन या फिर अपने लिये नये निवास स्थान की तलाश कर रहे हैं तो सफलता मिल सकती है। परिजनों विशेषकर माता के साथ आपके संबंध बेहतर रहेंगें। इस समय अपने घर के भीतर (साज-सज्जा, पुनर्निमाण आदि) कुछ बदलाव करने पर विचार कर सकते हैं। कुल मिलाकर बृहस्पति के परिवर्तन के कारण आप भी अपने जीवन में कुछ सकारात्मक बदलाव देख सकते हैं।

सिंह – आपकी राशि से बृहस्पति तीसरे स्थान में प्रवेश करेंगें जो कि आपके पराक्रम का स्थान है। बृहस्पति के प्रभाव से इस समय आपके पराक्रम में तो वृद्धि होगी लेकिन निर्णय लेने के समय हो सकता स्वयं को दुविधाग्रस्त महसूस करें। हालांकि अच्छे से कार्य संपन्न होने से धन लाभ के संकेत भी आपके लिये मिल रहे हैं। साथ ही छोटे भाई बहनों की ओर से भी आपको कोई शुभ समाचार मिल सकता है। कुल मिलाकर यदि निर्णय लेने में किसी तरह की जल्दबाजी न दिखाएं और विचार विमर्श के बाद ही कोई फैसला लें तो बृहस्पति का परिवर्तन आपके लिये शुभ कहा जा सकता है।

कन्या – कन्या जातकों के लिये बृहस्पति राशि से दूसरे स्थान में प्रवेश करेंगें जो कि आपका धन भाव माना जाता है। इस समय गुरु के प्रभाव से आपको धन लाभ होने के आसार तो बन ही रहे हैं साथ ही परिजनों के साथ भी आपके संबंधों में बेहतरी आयेगी। यदि पिछले कुछ समय से परिवार में किसी बात को लेकर वाद-विवाद चल रहा है तो इस समय शांति से घरेलू मामलों का निपटारा कर सकते हैं। ससुराल पक्ष से कोई शुभ समाचार मिलने की उम्मीद कर सकते हैं।

तुला – बृहस्पति कन्या राशि से परिवर्तित होकर आपकी ही राशि में प्रवेश कर रहे हैं। बृहस्पति का यह गोचर आपकी सेहत के लिये भले फायदेमंद न हो लेकिन पारिवारिक जीवन सुखमय रहने की प्रबल संभावनाएं जता रहा है। विशेषकार दांपत्य जीवन का सुख आपको भरपूर मिलने के आसार हैं। साथ ही जो विवाहित दंपति संतान प्राप्ति के लिये प्रयासरत हैं उन्हें खुशखबरी मिल सकती है। संतान का सुख मिलने के योग बृहस्पति आपके लिये बना रहे हैं। इस समय ध्यान, योग आदि क्रियाओं में आपका मन लग सकता है। कुल मिलाकर सेहत के प्रति सचेत रहें तो बृहस्पति का परिवर्तन आपके लिये सुखद रह सकता है।

वृश्चिक – आपकी राशि से बृहस्पति का राशि परिवर्तन 12वें स्थान में हो रहा है जो कि आपका व्यय का कारक है। बृहस्पति के गोचर से आपको थोड़ा सचेत रहने की आवश्यकता होगी। विशेषकर धन के मामले में हानि के संकेत हैं आपके खर्चों में बढ़ोतरी हो सकती है या फिर किसी की गलत सलाह भी आपका नुक्सान करवा सकती है। किसी के मात्र कह देने भर से कोई महत्वपूर्ण निर्णय न लें खास तौर पर यदि वह पैसों के लेन-देन या निवेश के बारे में हो। इस समय आपको अनावश्यक यात्राएं भी करनी पड़ सकती हैं। लेकिन पश्चिम दिशा की ओर यदि आपको यात्रा करनी पड़ रही है तो सावधानी बरतें। इस समय अपनी सूझबूझ से काम लेकर ही आप परिस्थितियों को आसानी से संभाल सकते हैं।

धनु – धनु जातकों के लिये बृहस्पति का परिवर्तन सौभाग्यशाली रहने के आसार हैं। बृहस्पति का गोचर आपके लाभ घर में हो रहा है। इस समय आपकी सेहत काफी अच्छी रहने के आसार हैं। यदि पहले से शरीर में थकावट या कमजोरी महसूस कर रहे हैं, किसी बिमारी से ग्रस्त हैं तो बृहस्पति के परिवर्तन से आप इन परेशानियों से मुक्त हो सकते हैं। आपके पराक्रम में भी वृद्धि होने के आसार हैं। आपकी मेहनत व काम के बल पर आपके सम्मान में भी वृद्धि होने के आसार हैं। कुल मिलाकर आप अपने जीवन में एक बेहतर बदलाव महसूस कर सकते हैं।

मकर – आपकी राशि से बृहस्पति दसवें स्थान में प्रवेश कर रहें हैं जो कि आपका कर्मक्षेत्र है। बृहस्पति के प्रभाव से आपको कार्यक्षेत्र में बदलाव के अवसर प्राप्त हो सकते हैं। हालांकि इस समय आपके कड़ी मेहनत करने की आवश्यकता होगी साथ ही आपके आस-पास का व्यावसायिक माहौल भी प्रतिस्पर्धात्मक रहने के आसार हैं। आपका स्वास्थ्य इस समय अच्छा रहने की उम्मीद कर सकते हैं। गुरु के प्रभाव से नये घर में प्रवेश करने की संभावनाएं भी बन सकती हैं।

कुंभ – कुंभ जातकों के लिये बृहस्पति 9वें स्थान में गोचररत होंगे जो कि आपका भाग्य स्थान है। गुरु के प्रभाव से आपका रूझान धार्मिकता की ओर अग्रसर हो सकता है। परिवार में किसी धार्मिक आयोजन में भी आपको शामिल होना पड़ सकता है। यदि लंबे समय से किसी तीर्थ की यात्रा का विचार बना रहे हैं तो यह समय एक दम उपयुक्त है। आपके पराक्रम में भी वृद्धि होने के आसार हैं जिससे आपका मान-सम्मान भी बढ़ सकता है। संतान सुख की प्राप्ति भी आपको होगी। शारीरिक स्वास्थ्य भी बेहतर रहने की उम्मीद कर सकते हैं।

मीन – बृहस्पति आपकी राशि से आठवें स्थान में आ रहे हैं। यदि आप इस समय के दौरान निराशावादी महसूस करते हैं, तो इस पारगमन पर इसका दोष दें। हालांकि, अगर आपको आगे बढ़ने की आवश्यकता है तो आपको उस नकारात्मकता को दूर करना चाहिए – सुनिश्चित करें कि आप किसी भी कदम उठाने से पहले सोचते हैं। करियर के अनुसार, यह आपके लिए एक अच्छा समय है, लेकिन यह सुनिश्चित करें कि आप कार्यालय की राजनीति में शामिल न हों और अपने काम पर ध्यान केंद्रित करें।

 

गुरु के दोषपूर्ण प्रभाव के लिए सामान्य उपाय

बृहस्पति आमतौर पर एक उदार ग्रह के रूप में माना जाता है बृहस्पति विभिन्न प्रकृति के दो संकेतों का मालिक है एक दोहरी स्वभाव वाली भयानक और आशावादी धनु बृहस्पति का डोमेन है। राशि चक्र का आखिरी चिन्ह है कि सपने देखने वाले, सहज ज्ञान युक्त दोहरी प्रकृति, पानी का चिह्न, मीन भी बृहस्पति के स्वामित्व में है। कर्क (कर्का राशि) बृहस्पति के लिए उमंग का संकेत है यह मकर (मकर राशि) में दुर्बल हो जाता है। बृहस्पति आरामदायक नहीं है जब 4, 6, 8 व 12 वीं घर में तैनात होता है। इन घरों में स्थित बृहस्पति की स्थिति में कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है, प्रगति में रुकावट, मान्यता की कमी, मूल के जीवन में वित्तीय बाधाएं हैं। शांति ज्योतिष ने बीमार रखा बृहस्पति के नकारात्मक प्रभाव और शांति और समृद्धि के लिए मार्ग को कम करने के लिए निम्नलिखित उपायों को प्रस्तुत किया है।

बृहस्पति के लिए मंत्र

“ओम ग्राम ग्राम ग्रौम साह गुरुव नमः” 

दान

हल्दी, गुर, ग्राम दाल, सोना, लाडू मिठाई, हल्के पीले कपड़े, तांबे और केसर को दान करें।यह गुरुवार को सुबह या शाम को पूरा किया जाना चाहिए। ऋषियों, संतों या धार्मिक और आध्यात्मिक पहलुओं से जुड़े लोगों को दान करना अधिक प्रभावी माना जाता है।

केसर तिलक को लगाएं

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